bhaarat ki videsh neeti ki rooparekha , nishpaadan, evan vishleshan : sampoorn disha bodh / भारत की विदेश नीति की रूपरेखा , निष्पादन, एवं विश्लेषण : संपूर्ण दिशा बोध
Auteur : Dr. Nikita Sharma / डॉ. निकिता शर्मा
Date de publication : Non disponible
Éditeur : kitab writing publication
Nombre de pages : 145
Résumé du livre
विदेश नीति सामान्यतः किसी भी राष्ट्र के लिए अन्य देशों के साथ अपने हितों को साधने का एक साधन होती है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्रीय स्वतंत्रता, विकास, शांति और परस्पर सहयोग के प्रयासों की क्रिया व वचनों से जुड़ी होती है और बदलती हुई परिस्थितियों के साथ बदलाव की क्षमता को लेकर आगे बढ़ती है। इस किताब के द्वारा यह बताने का प्रयास किया गया है कि भारत ने किस प्रकार द्वितीय विश्व युद्ध के कठिन दौर में, जब विश्व दो गुटों में बंटा हुआ था एवं निर्णय लेना आसान नहीं था, सर्वप्रथम अपने हितों का ध्यान रखते हुए राष्ट्रों की स्वतंत्रता, समानता, अखंडता, परस्पर सम्मान एवं गुटों से पृथक रहकर शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांत को अपनाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया। और भारत का जो भी भौगोलिक, आर्थिक, राजनीतिक, सैन्य क्षमता संबंधी परिवेश था, उसी के आधार पर उद्देश्यों और सिद्धांतों का निर्धारण किया। और समय के साथ-साथ अनेक नई समस्याओं का समाधान करते हुए अपनी विदेश नीति में भी परिवर्तन किए, परंतु इन परिवर्तनों में भी भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वप्रथम प्राथमिकता दी। यह पुस्तक भारतीय विदेश नीति का समग्र मूल्यांकन प्रस्तुत करती है ताकि हमारी विदेश नीति के समक्ष व्यापक चुनौतियों व उपलब्ध साधनों के आधार पर इसके उज्ज्वल भविष्य का अनुमान लगाया जा सके।